Kahaniyon Ka Sansar Season 1Mere Pyar Ki Paheli JhalakShort Story

मेरे प्यार की पहली झलक पार्ट 2

mere pyar ki paheli jhalak part-2

“मम्मी! ये देखो” मैंने बड़े आराम से
मम्मी के पास बैठ कर बोला
“है ला देखा, क्या आया है”
मै अपना फ़ोन स्क्रॉल कर ही रहा था
“अभी मैं थोड़ा काम कर लूँ, मुझे खाना
बनाना है , लेट हो जायेगा”
“रुको , थोड़ा सा” मैंने बड़ी आसानी से
कहे दिया
“मुझे लेट हो जायेगा, जल्दी बता”
“ओके! चलो आप पहले अपना काम कर लो”
मैंने फ़ोन बंद किया लंच किया और
ऑफिस निकल गया

“तृन!तृन!”
“हेल्लो!”
“हेल्लो!हाँ!” ये मेरी बड़ी सिस्टर का
कॉल था
“तूने इतने दिन से आईडी बना रखी है, मुझे
भेजता जा मै भी देखूं”
“कोई मिले तो सही”
“तू बस भेज”
“ओके!”
मै और जाएदा कुछ नहीं कहे सकता था
मैंने अपना ऑफिस का थोड़ा सा काम रोका
एक दो आईडी निकली और दीदी को भेज दी

mere pyar ki paheli jhalak part-2

“तृन!तृन!”
“हेल्लो!”
“अरे ये कहा कहा कि भेज रहा है कोई
सही भेज”
“ओके!”
मै फिर काम पर लग गया
शादी करना इतना आसान नहीं है । ये
मुझे पता चल रहा था
लड़की मोटी है, पतली है, पड़ी लिखी है
अनपढ़ है, घरवाले कैसे है, घरेलू
है या नहीं, घर वालों को संभाल पायेगी
या नहीं , ईटीसी ,ईटीसी,
पूरा दिमाग पक जाता है
आप जितनी पढ़ाई अपने पुरे जीवन मे
करते हो उससे 10 गुना जाएदा आप इसमें
दिमाग लगाते हो
“हेल्लो!”
“हेल्लो!”
“इसमे मुझे कोई समझ नहीं आ
रही है!”
“तू बस मुझे भेजता जा, मैं देख लुंगी”
“ओके!”
मेरी दीदी ने मुझे बड़े प्यार से
समझा दिया था

“मम्मी!”
“मम्मी!”
“कहा हो”
“यही हूँ, किधर जाउंगी”
“मम्मी , इसमे कोई पास की नहीं आ रही
है , क्या करूँ”
“तू आईडी वाली को बोल, पास की दिखाये”
मेरे सवाल का बड़े आराम से जवाब दिया
मम्मी ने
“पहले तो पास की दिखा रहे थे जब तक
पैसे नहीं डलवाये थे” मम्मी ने मेरी
तरफ देखते हुए बोला
“ऐसा ही होता है” मैंने भी बड़ी आराम
से जवाब दे दिया
“मैं फ़ोन मिलाता हूँ, आप तब तक खाना
दे दो”
“ठीक है”

मुझे बहुत देर से भूख लग रही थी
“मै पहले लंच करूँगा फिर उसको
फोन करूँगा” मैंने खुद से बोला

“हेल्लो!”
“हेल्लो!”
“हेल्लो! मैं रितेश जिंदल बोल रहा हूँ”

“यस प्लीज”
“मैंने भारत मॅट्रिमोनी में आईडी बनाई हुई है”
मुझे आईडी बनाते वक़्त मुझे नंबर दिया
था उसने
“यस हाऊ कैन आई हेल्प यू”
“मैम, मेरी आईडी मे कोई भी मेरी लोकेशन
के आस पास का नहीं देखा रहा है”
“ओके! आई विल चेक इट”
“ऐनी अदर प्रॉब्लम सर”
उसने बड़े आराम से पूछा
मैंने भी बड़े आराम से बोल दिया
“नो मैम”
इस शादी को लेकर इतना पक चूका
था कि मन कर रहा था कि इसी से पूछ
लूँ की शादी करोगी मुझसे
एक्चुअली मैंने इसका नंबर व्हात्सप्प पर भी
देखा था
उसकी किसी बच्ची के साथ फोटो थी
मेरी हिम्मत नहीं हुई, मैंने नहीं पूछा

खेर, मैं फिर अपने काम पर लग गया
मैं एक्चुअली 24 हॉर्स नहीं देखता
बस कभी कभी पूरी रात लगा रहता
था
“यार! नंबर वाला भी तो ऑप्शन है”
मैंने अपने मन मे सोचा
“क्योना! नंबर पर मैसेज करना सुरु
करूँ!”

एक दिन बीता दो दिन बीता पर मैंने नंबर
पर मैसेज नहीं किया
बस लाइक और शॉर्टलिस्टेड ही करता रहा

“मम्मी!”
“हाँ बोल”
“मम्मी मैंने दो तीन लड़कियों को शॉर्टलिस्टेड
किया है, मुझे सही लग रही है”


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