child within you

Poem for self – a children day poem

  अपने अंदर के बच्चे को ना खो देना तुम, इन रीति रिवाज़ों में इन तीज त्योहारो में इन दुनि

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Dil yahi ruk ja

Dil yahi ruk ja Tahar ja Tham ja Sambhal ja Ye waqt tere anucool nahi hai Tu yahi ruk ja Moke

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मुझे छोड़ कर न जाओ

मुझे छोड़ कर न जाओ

बस मुझे छोड़ कर न जाओ यूही दिल तोड़ कर न जाओ तुम फूल हो खुशबू देती हो उस फूल को तोड़ कर न जाओ बस

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Childhood Memories

पता ही न चला

कब उंगली पकडे पकडे हाथ छोड़ कर भागने लगा पता ही न चला कब जिंदगी को सुलझाते सुलझाते खुद उलझ गया

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क्या कहूँ

क्या कहूँ

मैं खुद में खो चुका हूँ तुमसे क्या आकर कहूँ मैं खुद में ढल चूका हूँ तुमसे क्या शिकायत करूँ

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badalta zamana

बदलता जमाना

वक़्त है आज गुजर जायेगा तेरा साथ है एक दिन छूट जायेगा बदलेगा जमाना तू भी बदल जायेगा वक़्त है आज ग

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