Kahaniyon Ka Sansar Season 1Mere Pyar Ki Paheli JhalakShort Story

मेरे प्यार की पहेली झलक – पार्ट 1

mere pyar ki paheli jhalak part-1

“करूँ या नहीं करूँ , करूँ या नहीं करूँ”
2 बार आईडी को खोलकर बंद किया मैंने 24 जून 2018 से लड़की की तलाश जारी थी|

मेरी बहुत बार आईडी को खोल कर बंद  किया हुआ था

मैंने “एक आईडी के 4500 रुपया में 3 मंथ का पैकेज है सर” ये आईडी वाली ने बताया था मुझे
“नहीं अभी मैं रुपया नहीं डलवा पाउँगा”
मैं थोड़ा सोचने में था इससे पहले पापा ने मुझे बहुत लड़कियों की फोटो दिखाई थी

“अपना बायोडाटा बनाकर दे मुझे”
पापा ने मेरी तरफ देखा वो प्यार से देखना नहीं था

mere pyar ki paheli jhalak part-1

“बनाता हूँ अभी”
मैंने सर झुका कर और अपने लैपटॉप को देखते हुए बड़ी ही धीमी आवाज़ में जवाब दिया

पापा के पास लड़की का बायोडाटा था “गुप्ता” “मैं नहीं करूँगा गुप्ता से
शादी” इतना बोलकर मैं वहां से उठ कर चला गया

मैंने 24 जून 2018 के आसपास भारत मॅट्रिमोनी में आईडी बनाई थी

“सर , ऍम आई टॉकिंग तो मिस्टर रितेश”
ये आईडी वाली का कॉल था

“यस, आई ऍम”
मैंने भी बड़े आराम से जवाब दे दिया

“आपकी आईडी सर रितेश जिंदल के नाम से बनी है , राईट?”
पहेली बार जिंदल होने का अहसास हुआ
मेरी सभी आईडी में गुप्ता ही लिखा हुआ है

“सर, आपके पास 3 पैकेजेस है, 3 मंथ, 1 मंथ, 6 मंथ”
मैंने 3 मंथ वाला पैकेज सेलेक्ट किया

पर हमारा रेट में डील फाइनल नहीं हुआ

“सर , आपका पैकेज कब तक डिसाइड हो जायेगा, मैं आपको कब कॉल करूँ”
उस समय तो बहुत गुस्सा आया पर
“2 डेज बाद”
2 डेज बाद फिर उसका कॉल
1 कॉल मेरे द्वारा मिस
दूसरा कॉल मैंने उठाया

“हेल्लो!”
“हेल्लो!, सर , इस देयर रितेश”
“यस , आई ऍम”
“हमने आपके 3 मंथ पैकेज में डिस्काउंट
कर दिया है” ” आपके ये डिस्काउंट ऑफर,
आपके आफ्टरनून तक पैमेंट करने पर मिल जायेगा”
फाइनली हमारी डील 4500 से 3400 से 2800 पर हुई
मेरी आईडी 24 जून 2018 के आसपास बनी थी
और 28 जून 2018 के आसपास मेरी आईडी एक्टिव
हुई थी
“दिखा, कुछ आया है क्या”
“अभी इतनी जल्दी नहीं आता है मम्मी”
“थोड़ा रुको मम्मी”
मैं मम्मी को इससे जाएदा और टालने वाला मेसेज नहीं दे सकता था
एक्चुअली मुझे इंटरेस्ट ही नहीं था शादी
में
ये तो बस घर वाले किसी अरी गेरी से
करवाते इसलिए आईडी बना ली
“कुछ आया, आ बैठ इधर और मुझे बताता
जा”
इस बार मम्मी सीरियस थी
“ओके!” मैं भी मोबाइल लेकर बैठ गया
“एक लड़की है, गाज़ियाबाद, लखीमपुर, आगरा………..”
“कोई पास की देख” मम्मी ने मेरी बातों
को रोकते हुए बोला
“अभी मम्मी इसमे पास की नहीं आ रही है,
बाकि मैं देखता हूँ” मैं इतना बोल कर वहां
से चला गया
मम्मी को एक्चुअली पास की चाहिए थी!

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